
मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी ख़बर सामने आ रही है। राज्य सरकार जल्द ही सरकारी कर्मचारियों की शनिवार की छुट्टी कैंसिल करने जैसा महत्वपूर्ण फैसला ले सकती है। ख़बरों के अनुसार, सरकार सालाना मिलने वाली छुट्टियों की संख्या कम करने पर भी विचार कर रही है और हफ्ते में एक दिन के अवकाश (शनिवार की जगह) पर मंथन कर रही है। यह बड़ा बदलाव होने की संभावना है, जिससे कर्मचारियों को जल्द ही झटका लग सकता है, और इस संबंध में कई अन्य राज्यों में भी विचार-विमर्श चल रहा है।
सरकारी दफ़्तरों में छुट्टियों के नए नियम
सरकारी दफ़्तरों की छुट्टियों से जुड़ा नया प्रस्ताव तैयार हो चुका है। सूत्रों के अनुसार, बैठक में सहमति बनने के बाद इसे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। यदि मुख्यमंत्री इसे मंजूरी दे देते हैं, तो सरकारी दफ़्तर अब केवल महीने के दूसरे और तीसरे शनिवार को ही बंद रहेंगे। इसका मतलब है कि कर्मचारियों को महीने के पहले और चौथे शनिवार को काम करना पड़ेगा। यह नियम सरकारी छुट्टियों पर भी लागू होगा।
कर्मचारियों के लिए छुट्टियों के दो नए प्रस्ताव
शासन ने कर्मचारियों की छुट्टियों के लिए दो मॉडल तैयार किए हैं। पहला प्रस्ताव यह है कि हफ्ते में 6 दिन काम होगा, जिसमें दूसरे शनिवार को छुट्टी रहेगी। वहीं, दूसरा प्रस्ताव भारत सरकार के पैटर्न पर आधारित है, जिसके अनुसार हफ्ते में केवल 5 दिन कार्यालय खुलेंगे। हालाँकि, इस 5-दिन के वर्किंग मॉडल में कर्मचारियों को एक घंटा अतिरिक्त काम करना होगा, यानी उन्हें सुबह 9:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक कार्य करना पड़ेगा।
कर्मचारियों की छुट्टियों पर बड़ा बदलाव
कर्मचारियों की छुट्टियों के निर्धारण को लेकर एक बड़ा बदलाव आने की संभावना है। सरकारी दफ्तरों में सार्वजनिक, सामान्य और ऐच्छिक अवकाशों पर सुझाव देने के लिए 22 सितंबर को एक समिति बनाई गई थी। इस समिति ने 10 से अधिक राज्यों की छुट्टियों का अध्ययन करके दो अलग-अलग मॉडल तैयार किए हैं। अब जल्द ही एक बड़ी बैठक होने वाली है, जिसके बाद इन प्रस्तावों को मुख्यमंत्री (CM) मोहन को मंज़ूरी के लिए भेजा जाएगा। उम्मीद है कि मुख्यमंत्री की स्वीकृति के बाद, वर्ष 2026 से ये नए नियम लागू किए जा सकते हैं, जिससे कर्मचारियों की छुट्टियों में काफी बदलाव देखने को मिलेगा।
















